Cyber Laws and Cyber Offences B.Com 3rd Year E-Commerce Notes

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भारत में साइबर कानून (आईटी कानून)

(Cyber Law (IT Law) in India) 

साइबर लॉ जिसे आईटी लॉ भी कहा जाता है, कंप्यूटर और इंटरनेट सहित सचना प्रौद्योगिकी स सन्धित कानन है। यह कानूनी सूचना विज्ञान से सम्बन्धित है और सचना सॉफ्टवेयर सूचना सुरक्षा और ई-कॉमर्स के डिजिटल संचालन का पर्यवक्षण करता है। ई-कॉमर्स कानन में कानून का कोई अलग क्षेत्र शामिल नहीं है बल्कि यह अनुबंध, बौद्धिक संपदा, गोपनीयता और डेटा सुरक्षा कानूनों के पहलुओं को सम्मिलत करता है। बौद्धिक सम्पदा आईटी कानून का एक प्रमुख तत्व है। पार के इलैक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, “साइबर कानून जावेजों और ई-फाइलिंग और ई-कॉमर्स लेनदेन का समर्थन करने के लिए एक कानूनी और साइबर अपराधों को कम करने, और जाँच करने के लिए एक कानूनी संरचना प्रदान करता है।”

साइबर लॉ की विशेषताएं (Characteristics of Cyber Law)

  • यह इंटरनेट के माध्यम से होने वाले सभी लेनदेनों को शामिल करता है।
  • इंटरनेट पर सभी गतिविधियों पर नजर रखता है।
  • साइबरस्पेस में प्रत्येक क्रिया और प्रतिक्रिया को इसमें सम्मिलित किया जाता है। 

साइबर लॉ के लाभ (Advantages of Cyber Law) 

  • संगठन अब अधिनियम द्वारा प्रदान किए गए कानूनी बुनियादी ढांचे का उपयोग करके ई-कॉमर्स सफलतापूर्वक करने में सक्षम हैं। 
  • डिजिटल हस्ताक्षरों को कानून में वैधता और मंजूरी दी गई है। 
  • इसने प्रमाणित प्राधिकारी नियुक्त होने के व्यवसाय में डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र जारी करने के लिए कॉर्पोरेट कंपनियों के लिये प्रवेश के द्वार खोल दिए हैं। । 
  • यह सरकार को वेब पर अधिसूचना जारी करने की अनुमति देता है जिससे ई-गवर्नेस को बढ़ावा दिया जा सके। 
  • यह कंपनियों या संगठनों को किसी भी कार्यालय, प्राधिकरण, निकाय या एजेंसी के पास किसी भी फॉर्म, आवेदन या किसी अन्य दस्तावेज को फाइल करने का अधिकार देता है, जो उपयुक्त सरकार द्वारा ई-फॉर्म के माध्यम से स्वामित्व या नियंत्रित किया जा सकता है। 
  • आईटी अधिनियम सुरक्षा के महत्वपूर्ण मुद्दों को भी सम्मिलित करता है, जो इलैक्ट्रॉनिक लेनदेन की सफलता के लिए महत्वपूर्ण हैं। 

साइबर लॉ का क्षेत्र (Area of Cyber Law)

साइबर कानूनों के विभिन्न प्रकार के उद्देश्य होते हैं। कुछ कानून इस बात के लिए नियम बनाते हैं कि व्यक्ति और कंपनियां कंप्यूटर और इंटरनेट का उपयोग कैसे कर सकती हैं जबकि कुछ कानून इंटरनेट पर अवांछित गतिविधियों के माध्यम से लोगों को अपराध का शिकार बनने से बचाते हैं। साइबर कानून के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं: (i) धोखाधड़ी (Fraud)  (ii) कॉपीराइट (Copyright)  (iii) मानहानि (Defamation)  (iv) उत्पीड़न और पीछा करना (Harrasment and Stalking)  (v) बोलने की स्वतंत्रता (Freedom of Speech)  (vi) ट्रेड सीक्रेट्स (Trade Secrets)  (vii) संविदा और रोजगार कानून (Contracts and Employment Law)

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के अन्तर्गत अपराध

(Offences under Information Technology Act, 2000)

इंटरनेट की शुरूआत ने हमारे जीवन में जबरदस्त बदलाव किये हैं। अब सभी क्षेत्रों के लोग पारंपरिक कागजात, दस्तावेजों के बजाय इलेक्ट्रॉनिक रूप से जानकारी बनाने, संचारित और संग्रहीत करने कप्यूटर का उपयोग कर रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक रूपों में संग्रहीत जानकारी के कई लाभ हैं जैसे यह स्टोर करना आसान है, पुनः प्राप्त करना आसान है और कनेक्शन के लिए शीघ्रता से उपलब्ध प इसके कई लाभ हैं. लेकिन कुछ लोगों द्वारा खुद के लाभ के लिए या फिर दूसरों को नुकसान के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। दुनिया में किसी भी जगह से उच्च और त्वरित संपर्क ने घा को बढ़ावा दिया है और इन अपराधों में वृद्धि के कारण संरक्षण के लिए एक कानून की ता है। बदलती पीढ़ी के साथ तालमेल रखने के लिए, भारतीय संसद ने कानून-सूचना । अधिनियम, 2000 पारित किया। आईटी अधिनियम 2000, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कानून (UNCITRAL) द्वारा अनुमोदित मॉडल लॉ ऑन इलैक्ट्रॉनिक कॉमर्स 1996 पर आधारित है। भारत सरकार ने अपने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 को आधिकारिक तौर पर दर उद्देश्यों के साथ लाग किया: “इलेक्ट्रॉनिक डेटा इंटरचेंज और इलेक्ट्रॉनिक संचार के अन्य साधना माध्यम से किए गए लेनदेन के लिए कानूनी मान्यता प्रदान करने के लिए, जिसे आमतौर ” “इलैक्टॉनिक वाणिज्य” कहा जाता है जिसमें सूचना के भण्डारण और सूचना के भण्डारण के तरीकों लिये विकल्पों के उपयोग शामिल है जो सरकारी एजेंसियों के साथ दस्तावेजों को इलैक्ट्रॉनिक फार करने और भारतीय दंड संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872, बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 18911 संशोधन करने के लिए और भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 और ऐसे मामलों के लिए जो सम्बन्धित या आकस्मिक उपचार से सम्बन्धित हैं’

साइबर अपराध (Cyber Offences) 

साइबर अपराध एक सामान्य शब्द है जो उन सभी आपराधिक गतिविधियों को संदर्भित करता है जो कंप्यूटर, इंटरनेट, साइबरस्पेस और दुनिया भर में वेब के माध्यम का उपयोग करके किये जाते हैं। कंप्यूटर अपराध, या साइबर अपराध, किसी भी अपराध को संदर्भित करता है जिसमें एक कंप्यूटर और एक नेटवर्क शामिल होता है। नेटक्राइम इंटरनेट का आपराधिक कार्यों के लिए प्रयोग है। भारतीय कानन ने ‘साइबर अपराध’ की कोई परिभाषा नहीं दी है। वास्तव में, भारतीय दंड संहिता सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम 2008, भारतीय साइबर कानून द्वारा इसके संशोधन के बाद भी किसी भी बिंदु पर ‘साइबर अपराध’ शब्द का उपयोग नहीं करता है। लेकिन “साइबर सुरक्षा” को धारा (2) (1)nb के तहत परिभाषित किया गया है, जिसका तात्पर्य सूचनाओं, उपकरणों, यन्त्रों, कम्प्यूटर, कम्प्यूटर संसाधन, संचार उपकरण एवं उसमें संग्रहीत सूचनाओं तक अनाधिकृत पहुँच, उपयोग, प्रकटीकरण व्यवधान, परिवर्तन अथवा विनाश से सुरक्षा प्रदान करना है। भारतीय दंड संहिता, 1860 और सम्बन्धित कानून के तहत विभिन्न कृत्यों और प्रत्येक के दंड को विस्तृत रूप से सूचीबद्ध करने के साथ अपराध से निपटा जाता है, इसलिए, साइबर अपराध की अवधारणा सिर्फ “अपराध और कंप्यूटर का संयोजन” है।  एक संकीर्ण अर्थ में (साइबर अपराध) में साइबर अपराध इलैक्ट्रॉनिक संचालन के माध्यम से निर्देशित कोई भी अवैध व्यवहार है जो कंप्यूटर सिस्टम की सुरक्षा और उनके द्वारा संसाधित डेटा को लक्षित करता है।

व्यापक अर्थ में साइबर अपराध (कंप्यूटर से सम्बन्धित अपराध)..

  • कंप्यूटर सिस्टम या नेटवर्क के माध्यम से, या किसी कंप्यूटर सिस्टम या नेटवर्क के सम्बन्ध में किया गया कोई भी गैरकानूनी व्यवहार, जिसमें अवैध कब्जे जैसे अपराध शामिल हैं और कंप्यूटर सिस्टम या नेटवर्क के माध्यम से सूचना देना या वितरित करना शामिल है।
  • अचल संपत्ति की बिक्री या संप्रेषण या ऐसी संपत्ति में किसी भी हित के लिए कोई अनुबंध; 
  • केन्द्र सरकार के गोपनीय दस्तावेजों या लेनदेन के किसी भी वर्ग को अधिसूचित किया जा सकता है। 

अपराध के विषय के आधार पर साइबर अपराध को तीन व्यापक समूहों में वर्गीकृत किया गया है .

  1. व्यक्तियों के खिलाफ अपराध (Crimes Against Individuals) ये व्यक्तियों या उनका सम्पत्तियों से सम्बन्धित होते हैं। कुछ उदाहरण निम्न प्रकार हैं:
  • ई-मेल उत्पीड़न (E-mail harassment) 
  • साइबर पीछा (Cyber Stalking) 
  • अश्लील सामग्री फैलाना (Spreading Obscene material) 
  • कंप्यूटर सिस्टम पर अनाधिकृत पहुंच या नियंत्रण (Unauthorised access or control over
  • the Computer System) 
  • अभद्र प्रदर्शन (Indecent Exposure) 
  • ईमेल के माध्यम से स्पूफिंग (Spoofing via e-mail) 
  • फ्राड और धोखा (Fraud and Cheating)

2. संगठनों के खिलाफ अपराध (Crimes Against Organisation) संगठनों के खिलाफ साइबर अपराधों के कुछ उदाहरण हैं:

  • अनाधिकृत जानकारी प्राप्त करना (Possessing unauthorised information)
  • एक सरकारी संगठन के खिलाफ साइबर आंतकवाद (Cyber terrorism against a government organisation)
  • पायरेटेड सॉफ्टवेयर वितरित करना (Distributing pirated software) 
  1. समाज के खिलाफ अपराध (Crimes Against Society) समाज के खिलाफ अपराधों के कुछ उदाहरण हैं:
  • अभद्र प्रदर्शन के माध्यम से युवाओं को प्रदूषित करना (Polluting the youth through indecenet exposure) 
  • तस्करी (Trafficking) farita 374379 (Financial Crimes) 
  • अवैध लेख बेचना (Selling illegal articles)
  • ऑनलाइन जुआ (Online gambling) 
  • जालसाजी (Forgery)

उपरोक्त के अलावा, हैकिंग, सेवा से इन्कार हमलों, ई-मेल बाम्बिंग आदि जैसे अपराध भी साइबर स्पेस में मौजूद होते हैं।

साइबर अपराधों का वर्गीकरण

(Classification of Cyber Offences) 

कंप्यूटर में प्रौद्योगिकी के अधिक प्रयोग ने सूचना प्रोद्योगिकी अधिनियम, 2000 को जन्म दिया है। कागजी कार्रवाई को इलैक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में बदलना तथा इलैक्ट्रॉनिक डेटा के भंडारण ने देश के परिदृश्य को जबरदस्त रूप से बदल दिया है। अपराध (Offences): साइबर अपराध गैरकानूनी कार्य हैं जो बहुत ही परिष्कृत तरीके से किए जाते हैं जिसमें या तो कंप्यूटर टूल या लक्ष्य या दोनों होते हैं। साइबर अपराध में आमतौर पर शामिल हैं:

  • कंप्यूटरों पर अनाधिकृत पहुंच (Unauthorised access of the computers)
  • डेटा डूडलिंग (Data Diddling) 
  • वायरस/वर्म का हमला (Virus/worms attack)
  • कंप्यूटर सिस्टम की चोरी (Theft of Computer System) 
  • हैकिंग (Hacking) 
  • सेवा से इन्कार हमलें (Denial of service Attacks) 
  • तर्क बम (Logic Bombs)
  • ट्रोजन हमला (Trojan attacks)
  • इंटरनेट के समय की चोरी (Internet time theft)
  • वेब जैकिंग (Web jacking)
  • ई-मेल बमबारी (E-mail Bombing)
  • सलामी हमला (Salami Attacks).
  • कंप्यूटर सिस्टम को भौतिक रूप से नुकसान पहुंचाना (Physically damaging computer system) 
  • आईटी अधिनियम, 2000 में शामिल अपराध इस प्रकार हैं:
  • कंप्यूटर स्रोत दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़।
  • कंप्यूटर सिस्टम के साथ हैकिंग।
  • सूचना का प्रकाशन जो इलैक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील है।
  • गोपनीयता का उल्लंघन
  • झूठे डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र प्रकाशित करना
  • कपटपूर्ण प्रयोजन के लिए प्रकाशन
  • जब्ती (Confiscation)

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