B.Com 3rd Year Auditing Meaning Objectives And Importance Hindi MCQ

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बहुविकल्पीय प्रश्न

(Multiple Choice Questions) 

1. अंकेक्षण को सर्वप्रथम किस देश ने कम्पनी विधान के तहत मान्यता प्रदान की?

(A) अमेरिका 

(B) ब्रिटेन . 

(C) भारत hai 

(D) इंग्लैंड 

2. अंकेक्षण (Auditing) शब्द लेटिन भाषा के किस शब्द से लिया गया है? 

(A) ऑडिरे (Audirer

(B) आडिटर (Auditor)

 (C) ऑर्डर (Order)

(D) इनमें से कोई नहीं 

3. ‘अडायर‘ शब्द का अर्थ है :

(A) सुनना

(B) बोलना 

(C) विचार-विमर्श करना

(D) दिखाना 

4. भारत में कम्पनी खातों का अंकेक्षण कब से अनिवार्य किया गया? 

(A) 1894 से 

(B) 1914 से, 

(C) 1947 से मी 

(D) 1952 से 

5. भारत में लेखाकर्म की शिक्षा का अनुसरण सर्वप्रथम किस सरकार ने किया? 

(A) दिल्ली सरकार ने LITE 

(B) बिहार सरकार ने 

(C) मुम्बई सरकार ने/

(D) इनमें से कोई नहीं 

6. भारत में चार्टर्ड एकाउण्टेण्ट अधिनियम कब पारित हुआ?

(A) 1947 में 

(B)1949 में 

(C) 1956 में 

(D) 1965 में 

6. (A). विश्व में सबसे पहला चार्टर्ड एकाउण्टेण्ट अधिनियम कब पास किया गया? 

(A) 1880, 

(B) 1890

(C) 1900 

(D) 1932

7. इंग्लैंण्ड में कम्पनी खातों का अंकेक्षण कब अनिवार्य किया गया?

(A) 1802 में 

(B) 1840 में 

(C) 1844 में 

(D) 1850 में 

8. इन्स्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउण्टेन्ट ऑफ इण्डिया की स्थापना कब हुई? 

(A) 1 जुलाई, 1949 को।

(B) 1 जुलाई, 1950 को 

(C) 1 जुलाई, 1951 को

(D) 1 जुलाई, 1957 को 

9. दोहरा लेखा प्रणाली का जन्म कब हुआ था?

(A) 1444 में 

(B) 1490 में 

(C) 1494 में । 

(D) 1949 में 

10. लेखांकन की दोहरा लेखा प्रणाली को किसने प्रकाशित/प्रतिपादित किया? 

(A) लुकास पेसिओली ने ।

(B) डावर ने 

(C) विल्सन ने

(D) इनमें से कोई नहीं 

11. “अंकेक्षण किसी व्यवसाय या अन्य संगठनों की लेखा पुस्तकों तथा लेखों की व्यवस्थित जाँच है, जिससे अंकेक्षक व्यापार के आर्थिक व्यवहारों का सत्यापन कर सके तथा उनके परिणामों के सम्बन्ध में अपना प्रतिवेदन दे सके।’ यह परिभाषा किसके द्वारा दी गयी है : 

(A) मांटगोमरी

(B) जे.आर. बाटलीबॉय 

(C) एल.आर. डिक्सी

(D) एफ.आर.एम.डी. पाला 

12. “अंकेक्षण से आशय किसी व्यापार की लेखा-पुस्तकों की एक बुद्धिमत्तापुर्ण एवं आलोचनात्मक जांच से है, जो कि उन प्रपत्रों एवं प्रमाणकों से की जाती है, जिनके आधार पर उन्हें लिखा गया है। यह जांच यह जानने के लिए की जाती है कि एक निश्चित अवधि के लिए बनाया हुआ लाभ-हानि खाता व चिट्ठा सही लाभ या हानि तथा सही आर्थिक स्थिति को प्रदर्शित करते हैं या नहीं।” यह परिभाषा किसके द्वारा दी गयी है : 

(A) स्पाइसर एवं पेगलर

(B) जे. आर. बाटलीबॉय । 

(C) आर. जी. विलियम्स

(D) ए. डब्लू. हैन्सन 

13. अंकेक्षण को परिभाषित किया जा सकता है :

(A) लेखा पुस्तकों को तैयार करना 

(B) लेखा पुस्तकों की जांच करना । 

(C) उपरोक्त (A) तथा (B) दोनों

(D) इनमें से कोई नहीं 

14. अंकेक्षण है : 

(A) एक कला

(B) एक विज्ञान 

(C) विज्ञान व कला दोनों

(D) इनमें से कोई नहीं 

15. अंकेक्षण लाभदायक है:

(A) अशुद्धि एवं छल कपट कम करने में 

(B) ख्याति बढ़ाने में सहायक

(C) कर्मचारियों की कार्य क्षमता बढ़ाने में 

(D) उपरोक्त सभी 

16. अंकेक्षण सुरक्षा के हित में है: 

(A) मालिकों के

(B) लेनदारों के 

(C) विनियोक्ताओं के

(D) उपरोक्त सभी के । 

17. एक अंकेक्षक कौन हो सकता है : 

(A) वाणिज्य स्नातक

(B) विधि स्नातक 

(C) लागत लेखाकार

(D) चार्टर्ड एकाउण्टेण्ट । 

18. अंकेक्षक का कार्य है:

(A) खातों की गणितीय शुद्धता की जाँच करना 

(B) अशुद्धियों को ढूँढना एवं रोकना 

(C) कपट को ढूँढना एवं रोकना

(D) उपरोक्त सभी 

19. अंकेक्षक है : 

(A) शिकारी कुत्ते की तरह

(B) रखवाली करने वाले कुत्ते की तरह . 

(C) शेर की तरह

(D) बिल्ली की तरह

20. चार्टर्ड एकाउण्टेण्ट होते हैं: ___

(A) अनिपुण अंकेक्षक 

(B) सरकारी अंकेक्षक 

(C) पेशेवर अंकेक्षक 

(D) इनमें से कोई नहीं 

21. एक अंकेक्षक को होना चाहिए :

(A) निर्भीक 

(B) ईमानदार 

(C) चतुर 

(D) उपरोक्त सभी 

22. एक अंकेक्षक में होनी चाहिए :

(A) चतुराई 

(B) ईमानदारी 

(C) नैतिकता 

(D) सभी 

23. एक अंकेक्षक को नहीं होना चाहिए :

(A) चतुर 

(B) ईमानदार 

(C) शंकालु 

(D) धैर्यवान 

24. अंकेक्षक का तकनीकी ज्ञान होता है :

(A) जन्मजात 

(B) उपार्जित । 

(C) मौलिक __ 

(D) इनमें से कोई नहीं 

25. एक अंकेक्षक का उच्च नैतिक स्तर होता है : ___

(A) जन्मजात गुण , 

(B) उपार्जित ज्ञान 

(C) सामान्य गुण 

(D) इनमें से कोई नहीं 

26. अंकेक्षक में पुस्तपालन एवं लेखाकर्म का ज्ञान होता है : _

(A) उपार्जित ज्ञान 

(B) जन्मजात गुण 

(C) मौलिक गुण 

(D) उपरोक्त सभी 

27. अंकेक्षण व्यवहार समिति का परिवर्तित नाम है :

(A) अंकेक्षण तथा आश्वासन मानक मण्डल, 

(B) अंकेक्षण व्यवहार मानक मण्डल 

(C) अंकेक्षण मण्डल

(D) इनमें से कोई नहीं 

28. मानक अंकेक्षण व्यवहार (SAP) का परिवर्तित नाम है :

(A) अंकेक्षण तथा आश्वासन मानक’ 

(B) अंकेक्षण व्यवहार मानक 

(C) अंकेक्षण मानक

(D) इनमें से कोई नहीं 

29. भारतीय चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट्स संस्थान (ICAI) द्वारा जारी मानकों की संख्या है –

(A)20 

(B)25

(C) 35/ 

(D) 40 

30. अंकेक्षण का सम्बन्ध है :

(A) लेखांकन के साथ 

(B) अर्थशास्त्र के साथ 

(C) तर्कशास्त्र के साथ 

(D) उपरोक्त सभी 

31. लेखांकन, पुस्तपालन की तुलना में :

(A) व्यापक है। 

(B) संकीर्ण है 

(C) बराबर है 

(D) इनमें से कोई नहीं 

32. किसी विवाद को हल करने में व्यवसाय द्वारा रखी गई लेखा पुस्तकें न्यायालय में :

(A) प्रमाणस्वरूप प्रस्तुत की जा सकती हैं, 

(B) प्रमाणस्वरूप प्रस्तुत नहीं की जा सकती हैं 

(C) मान्य नहीं होती

(D) उपरोक्त में से कोई नहीं 

33. अंकेक्षण अनिवार्य है :

(A) त्रुटियों व कपटों का पता लगाने के लिए 

(B) ख्याति में वृद्धि हेतुERED

(C) कर्मचारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि हेतु 

(D) उपरोक्त सभी 

34. अंकेक्षण को नियन्त्रित करने वाले आधारभूत सिद्धान्त हैं :

(A) स्वतंत्रता 

(B) गोपनीयता 

(C) योग्यता 

(D) उपरोक्त सभी, 

35. जहाँ पुस्तपालन समाप्त होता है, वहाँ.. 

(A) अंकेक्षण प्रारम्भ होता है

(B) लेखांकन प्रारम्भ होता है, 

(C) अनुसन्धान प्रारम्भ होता है

(D) इनमें से कोई नहीं 

36. लेखाकर्म प्रारम्भ होता है जहाँ……… : 

(A) पुस्तपालन समाप्त होता है ।

(B) अंकेक्षण समाप्त होता है 

(C) अनुसन्धान समाप्त होता है । 

(D) उपरोक्त सभी 

37. अंकेक्षण प्रारम्भ होता है, जहाँ…….. 

(A) पुस्तपालन समाप्त होता है

(B)लेखांकन समाप्त होता है 

(C) अनुसंधान समाप्त होता है

(D) प्रमाणन समाप्त होता है

38. जहाँ अनुसंधान प्रारम्भ होता है, वहाँ……… 

(A) अंकेक्षण समाप्त होता है

(B) पुस्तपालन समाप्त होता है 

(C) लेखांकन समाप्त होता है

(D) इनमें से कोई नहीं 

39. प्रत्येक व्यवसाय के लिए लेखाकर्म होता है :

(A) विलासिता 

(B) आवश्यकता 

(C) प्रतिष्ठामूलक 

(D) इनमें से कोई नहीं 

40. अंकेक्षण विलासिता है: 

(A) लघ दकानदार के लिए।

(C) साझेदारी फर्म के लिए 

(B) कम्पनी के लिए

(D) सरकारी कम्पनी के लिए 

41. एक पनवारी के लिए अंकेक्षण होता है :

(A) आवश्यक 

(B) विलासिता 

(C) मितव्ययी 

(D) इनमें से कोई नहीं 

42. इंग्लैण्ड में चार्टर्ड एकाउण्टेण्टस संस्थान की स्थापना हुई : 

(A) 11 मई, 1880 को.

(B) 21 मई, 1880 को 

(C) 31 मई, 1880 को

(D) इनमें से कोई नहीं 

43. भारतीय चार्टर्ड एकाउन्टेण्टस संस्थान [Institute of Chartered Accountants of India (ICAI)]……… है

(A) स्वायत्त संस्था 

(B) सरकारी संस्था 

(C) निजी संस्था 

(D) इनमें से कोई नहीं 

44. जो चार्टर्ड एकाउण्टेन्टस, आई. सी. ए. आई. के सदस्य होते हैं और जिनका नाम इन्स्टीट्यूट के रजिस्टर में लिखा होता है, उन्हें………कहते हैं : 

(A) ए. सी. एस. (A.C.S.)

(B) ए. सी. ए. (A.C.A) 

(C) एफ. सी. ए. (E.C.A.)

(D) इनमें से कोई नहीं 

45. आई. सी. ए. आई. के फैलो सदस्य अपने नाम के आगे……..लिख सकते हैं: 

(A) एफ. सी. एस. (E.C.S.)

(B) एम. बी. ए. (MBA) LAY 

(C) एफ. सी. ए. (E.C.A)V

(D) इनमें से कोई नहीं की शान 

46. आई. सी. ए. आई. का प्रधान कार्यालय स्थित है :

(A) मुम्बई में 

(B) चेन्नई में 

(C) दिल्ली में 

(D) कोलकाता में 

47. 1944 में दी इन्स्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट एण्ड वर्क्स एकाउण्टेन्ट्स की स्थापना निम्न में से किस रूप में की गई : 

(A) सार्वजनिक कम्पनी के रूप में

(B) निजी कम्पनी के रूप में 

(C) गारण्टी द्वारा सीमित कम्पनी के रूप में, 

(D) इनमें से कोई नहीं 

48. अंकेक्षण व्यवहार समिति (APC) की विधिवत् स्थापना हुई थी : 

(A) 17 सितम्बर, 1992 को

(B) 17 सितम्बर, 1982 को 

(C) 17 सितम्बर, 1972 को

(D) इनमें से कोई नहीं 

49. अंकेक्षण व्यवहार समिति (APC) की स्थापना की गई थी : 

(A) केन्द्र सरकार द्वारा

(B) आई. सी. ए. आई द्वारा 

(C) चार्टर्ड एकाउण्टेन्ट द्वारा

(D) इनमें से कोई नहीं 

50. अंकेक्षण को नियन्त्रित करने वाले आधारभूत सिद्धान्तों की विवेचना की गई हैं:

(A) मानक अंकेक्षण व्यवहार-5 (SAP-5) में 

(B) मानक अंकेक्षण व्यवहार-1 (SAP-1) में –

(C) मानक अंकेक्षण व्यवहार-18 (SAP-18) में 

(D) इनमें से कोई नहीं 

51. कुछ निश्चित सिद्धान्तों के आधार पर सौदों को लिखना ही पुस्तपालन है।” यह परिभाषा दी है: 

(A) स्पाइसर एवं पैगलर ने

(B) डी. पौला ने 

(C) रोलैण्ड ने,

(D) इनमें से कोई नहीं 

52. पुस्तपालन का कार्य करने वाले को…….कहते हैं :

(A) लेखापाल 

(B)पुस्तपालक/ 

(C) अंकेक्षक

(D) इनमें से कोई नहीं

53. निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य पुस्तपालन के क्षेत्र में नहीं आता है : 

(A) जर्नल प्रविष्टियाँ करना

(B) प्रविष्टियों की खतौनी करना 

(C) खातों का शेष निकालना

(D) तलपट बनाना – 

54. निम्नलिखित में से किस मामले में यह निर्णय दिया गया कि अंकेक्षक ने लेखापाल के रूप में कार्य किया है न कि अंकेक्षक के रूप में, अत: अंकेक्षक क्षतिपूर्ति के लिए उत्तरदायी नहीं है : 

(A) लीच बनाम स्टॉक्स और अन्य, 1937 

(B) एप्फल बनाम आनन डेक्सटर एण्ड कम्पनी, 1926 

(C) मेरीटाईम इन्श्योरेन्स कम्पनी लि. बनाम विलियम फोरच्यून एण्ड सन्स, 1931

(D) उपरोक्त सभी 

55. वित्तीय विवरणों के अंकेक्षण के उद्देश्य तथा क्षेत्र से सम्बन्धित मानक अंकेक्षण व्यवहार है :

(A) SAP – 1 

(B) SAP – 2 

(C) SAP – 3 

(D) इनमें से कोई नहीं 

56. निम्नलिखित में कौन-सी अंकेक्षण की सीमा है? .

(A) अंकेक्षण कर्मचारियों की ईमानदारी का निश्चयात्मक प्रमाण नहीं है 

(B) अंकेक्षण शत-प्रतिशत शुद्धता की गारण्टी नहीं है 

(C) अंकेक्षक केवल अपनी राय प्रकट करता है

(D) उपरोक्त सभी 

57. रिलायन्स कम्पनी के लिए अंकेक्षण है:

(A) आवश्यकता 

(B) विलासिता 

(C) प्रतिष्ठा का प्रतीक 

(D) इनमें से कोई नहीं 

58. एक निजी कम्पनी के लिए अंकेक्षण है :

(A) आवश्यकता, 

(B) प्रतिष्ठामूलक 

(C) विलासिता 

(D) इनमें से कोई नहीं 

59. फुटकर/छोटे व्यापारी के लिए अंकेक्षण होता है:

(A) आवश्यकता 

(B) विलासिता 

(C) मितव्ययिता 

(D) इनमें से कोई नहीं 

60. सार्वजनिक कम्पनी के लिए अंकेक्षण है :

(A) अनिवार्य 

(B) विलासिता 

(C) ऐच्छिक 

(D) वैकल्पिक 

61. अंकेक्षण अनिवार्य है :

(A) धर्मार्थ ट्रस्टों के लिये

(B) संयुक्त पूँजी कम्पनियों के लिये 

(C) सहकारी समितियों के लिये 

(D) उपरोक्त सभी के लिये 

62. एकाकी व्यवसाय के लिए लेखा पुस्तकों का अंकेक्षण होता है :

(A) अनिवार्य 

(B) आवश्यक 

(C) ऐच्छिक 

(D) इनमें से कोई नहीं 

63. अंकेक्षण अनिवार्य है : 

(A) एकल व्यापार में

(B) साझेदारी संस्था में 

(C) संयुक्त पूँजी वाली कम्पनियों में . 

(D) उपरोक्त में से कोई नहीं 

64. अंकेक्षण अनिवार्य है :

(A) सभी एकल व्यापारी के लिए 

(B) सभी साझेदारी फर्म के लिए

(C) सभी संयुक्त-स्कन्ध कम्पनी के लिए 

(D) उपरोक्त सभी के लिए 

65. सामान्यतया एक छोटे व्यापारिक संस्थान के लिए अंकेक्षण अनिवार्य नहीं है क्योंकि :

(A) यह वैधानिक रूप से अनिवार्य नहीं है । 

(B) इस पर मालिक का पूर्ण नियंत्रण होता है 

(C) इसका क्षेत्र सीमित होता है

(D) उपरोक्त सभी 

66. एक निजी कम्पनी का अंकेक्षण है :

(A) ऐच्छिक 

(B) सम्पूर्ण 

(C) अनिवार्य 

(D) इनमें से कोई नहीं 

67. छल कपट को रोकना, अंकेक्षण का उद्देश्य है

(A) मुख्य 

(B) सहायक 

(C) सामाजिक 

(D) उपरोक्त में से कोई नहीं

68. यदि एक साझेदारी फर्म अंकेक्षण करवाती है, तो इसे कहते हैं : 

(A) वैधानिक अंकेक्षण

(B) अनिवार्य अंकेक्षण 

(C) ऐच्छिक अंकेक्षण

(D) इनमें से कोई नहीं 

69. प्रन्यासों (Trusts) का अंकेक्षण होता है :

(A) अनिवार्य 

(B) ऐच्छिक 

(C) वैकल्पिक 

(D) इनमें से कोई नहीं 

70. सहकारी संस्थाओं का अंकेक्षण होता है :

(A) ऐच्छिक 

(B) अनिवार्य 

(C) वैकल्पिक 

(D) इनमें से कोई नहीं 

71. बीमा कम्पनियों का अंकेक्षण होता है: ___

(A) अनिवार्य 

(B) ऐच्छिक 

(C) वैकल्पिक 

(D) इनमें से कोई नहीं 

72. समय-समय पर अनेक मामलों में मार्गदर्शक टिप्पणियाँ एवं विवरण पत्र प्रसारित किए गए हैं :

(A) भारतीय चार्टर्ड एकाउन्टेण्ट्स संस्थान द्वारा 

(B) लेखा मानक मण्डल द्वारा

(C) अंकेक्षण व्यवहार समिति द्वारा 

(D) उपरोक्त सभी के द्वारा 

73. अशुद्धियों एवं गबन के प्रमुख कारण हैं :

(A) लेखांकन व्यवहारों की कर्मचारियों की ओर से अनभिज्ञता 

(B) लेखांकन कार्य करने वालों की असावधानी

(C) पक्षपात तथा कमियों को छिपाने की प्रवृत्ति 

(D) उपरोक्त सभी 

74. पूँजीगत खर्चे को आयगत खर्चे में लिखना है : 

(A) क्षतिपूरक अशुद्धि

(B) सैद्धान्तिक अशुद्धि 

(C) भूल की अशुद्धि

(D) हिसाब की अशुद्धि 

75. 4,100 रू. के क्रय को लेखा पुस्तकों में 1,400 रू. से लिखा जाए तो यह है : 

(A) लेखे की अशुद्धि

(B) सैद्धान्तिक अशुद्धि 

(C) भूल की अशुद्धि

(D) क्षतिपूरक अशुद्धि 

76. क्षतिपूरक अशुद्धियों का तलपट के मिलान पर : 

(A) प्रभाव पड़ता है

(B) कोई प्रभाव नहीं पड़ता है 

(C) उपरोक्त (A) व (B) दोनों

(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

77. सैद्धान्तिक अशुद्धियों का उद्देश्य होता है : 

(A) धोखा-धड़ी

(B) छल-कपट 

(C) उपरोक्त (A) व (B) दोनों

(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

78. 5,000 रू. का फर्नीचर खरीदा गया किन्तु क्रय खाते को ऋणी (डेबिट) किया गया। यहाँ की गई त्रुटि है : 

(A) क्षतिपूरक त्रुटि

(B) लिपिकीय त्रुटि 

(C) सैद्धान्तिक त्रुटि

(D) इनमें से कोई नहीं 

79. 50,000 रू. की एक मशीन क्रय की गयी परन्तु इसे क्रय खाते में डेबिट कर दिया गया है, यह अशुद्धि है : 

(A) लिपिकीय अशुद्धि

(B) सैद्धान्तिक अशुद्धि 

(C) क्षतिपूरक अशुद्धि

(D) इनमें से कोई नहीं 

80. गलत आधार पर किया गया सम्पत्तियों का मूल्यांकन है :

(A) व्यवस्था (तांत्रिक) अशुद्धि 

(B) सैद्धान्तिक अशुद्धि 

(C) लिपिकीय अशुद्धि

(D) क्षतिपूरक अशुद्धि 

81. विभव से 800 रू. पाया किन्तु उसके खाते में 8000 रू. जमा किया गया ……… है 

(A) सैद्धान्तिक अशुद्धि

(B) लिपिकीय अशुद्धि 

(C) क्षतिपूरक अशुद्धि

(D) इनमें से कोई नहीं

82. राम का खाता 500 रू. से अधिक नाम किया गया जबकि श्याम का खाता 500 रू. से कम नाम

किया गया……….. है। 

(A) क्षतिपूरक अशुद्धि

(B) लिपिकीय अशुद्धि 

(C) सैद्धान्तिक अशुद्धि

(D) इनमें से कोई नहीं 

83. लेखा-पुस्तकों की जाँच करना अंकेक्षण का…..उद्देश्य है : 

(A) मुख्य, 

(B) सामाजिक 

(C) सहायक

(D) कोई नहीं 

84. वार्षिक विवरणों का सत्यापन करना अंकेक्षण का …………. उद्देश्य है :

(A) मुख्य , 

(B) सामाजिक 

(C) सहायक 

(D) कोई नहीं 

85. छल-कपट की रोक, अंकेक्षण का……..उद्देश्य है :

(A) मुख्य 

(B) सहायक 

(C) सामाजिक – 

(D) कोई नहीं 

86. प्रबन्धकों को सलाह देना, अंकेक्षक का ……. उद्देश्य है :

(A) मुख्य 

(B) सहायक 

(C) सामाजिक 

(D) इनमें से कोई नहीं 

87. कर की चोरी से सुरक्षा प्रदान करना अंकेक्षण का …….. उद्देश्य है :

(A) मुख्य 

(B) सामाजिक , 

(C) सहायक 

(D) इनमें से कोई नहीं 

88. विनियोजकों की सुरक्षा, अंकेक्षण का…….उद्देश्य है : 

(A) सामाजिक, 

(B) आर्थिक

(C) मुख्य

(D) सहायक 

89. कार्यालय भवन में संलग्न मजदूरों को निजी भवन के निर्माण में प्रयुक्त करना ……. है। 

(A) सम्पत्ति का गबन

(B) श्रम का गबन । 

(C) सुविधाओं का गबन

(D) इनमें से कोई नहीं 

90. कार्यालय सोफा का प्रयोग घरेलू कार्य में करना है :

(A) माल का गबन 

(B) श्रम का गबन 

(c) सम्पत्ति का गबन 

(D) इनमें से कोई नहीं 

91. व्यापारिक व्यवहारों को हिसाब-किताब की बहियों में लिखने की कला है : 

(A) लेखाकर्म

(B)पुस्तपालन 

(C) अंकेक्षण

(D) उपरोक्त में से कोई नहीं 

92. निम्नलिखित में से कौन पुस्तपालन का कार्य नहीं है : 

(A) मुख्य जर्नल में लेखा

(B) खाता बही में खतौनी करना 

(C) अन्तिम खाते बनाना.

(D) उपर्युक्त सभी 

93. पुस्तपालन के सन्दर्भ में कौन-सा कथन सही नहीं हैं : 

(A) साधारण प्रशिक्षण

(B) यन्त्रवत कार्य 

(C) विशेष योग्यता

(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

94. अंकेक्षण एक जाँच है : 

(A) सामान्य

(B) विशिष्ट 

(C) आलोचनात्मक

(D) उपर्युक्त (B) व (C) दोनों 

95. अंकेक्षण का प्रमुख उद्देश्य है : – 

(A) संस्था के लेखों की सत्यता, पूर्णता तथा नियमानुकूलता की जाँच करना 

(B) त्रुटियों को ढूँढना 

(C) कपट को ढूँढना

(D) उपर्युक्त सभी 

96. अंकेक्षण का सहायक उद्देश्य है :

(A) त्रुटियों का पता लगाना

(B) छल-कपटों का पता लगाना 

(C) त्रुटियों एवं छल-कपट को रोकना

(D) उपर्युक्त सभी 

97. अशुद्धियों के प्रमुख प्रकार हैं :

(A) 4

(B) 5 

(C) 3

(D) 2

98. अशुद्धियों का प्रमुख कारण है : 

(A) असावधानी

(B) लेखा कार्य करने वाले की अनभिज्ञता 

(C) करों को न्यूनतम रखने की इच्छा 

(D) उपरोक्त (A) व (B) दोनों 

99. पुराने फर्नीचर की बिक्री से प्राप्त राशि है, एक : 

(A) पूँजीगत प्राप्ति ।

(B) पूँजीगत लाभ 

(C) आयगत लाभ

(D) उपरोक्त में से कोई नहीं 

100. कार्यालय टेलीफोन का घरेलू प्रयोग है :

(A) सम्पत्ति का गबन 

(B) श्रम का गबन 

(C) सुविधा का गबन 

(D) इनमें से कोई नहीं 

101. एक हानि पूँजीगत हानि है क्योंकि:

(A) यह आकस्मिक कारणों से उत्पन्न होती है 

(B) इसका आशय पूँजीगत आहरण से है

(C) यह लेखांकन वर्ष से सम्बन्धित है 

(D) यह स्थायी सम्पत्ति से सम्बन्धित है 

102. एक व्यय पूँजीगत व्यय होता है, क्योंकि :

(A) राशि का भुगतान एक मुश्त होता है 

(B) राशि बड़ी होती है

(C) यह भविष्य के लाभ से सम्बन्धित होता है 

(D) यह चालू वर्ष के लाभ से सम्बन्धित होता है 

103. एक प्राप्ति पूँजीगत प्राप्ति है, क्योंकि :

(A) यह पूँजी खाते में जमा की जाती है 

(B) यह स्थायी सम्पत्ति से सम्बन्धित होती है 

(C) यह राशि बड़ी होती है

(D) यह चालू वर्ष में प्राप्त होती है 

104. रू. 10,000 की एक पुरानी मशीन बेची किन्तु विक्रय खाते को धनी (क्रेडिट) किया गया, यह त्रुटि है : 

(A) सैद्धान्तिक अशुद्धि 

(B) भूल की अशुद्धि 

(C) हिसाब की अशुद्धि 

(D) क्षतिपूरक अशुद्धि 

105. हरि के क्रेडिट में रू. 90 के स्थान पर रू. 900 लिखे गए जबकि राम के डेबिट में 810 रूपये अधिक लिखे गए। यह त्रुटि है 

(A) सैद्धान्तिक अशुद्धि

(B) भूल की अशुद्धि 

(C) हिसाब की अशुद्धि

(D) क्षतिपूरक अशुद्धि 

106. राम को रू. 200 का उधार माल बेचा लेकिन इसे विक्रय पुस्तक में नहीं लिखा गया। यह अशुद्धि

(A) सैद्धान्तिक अशुद्धि 

(B) भूल की अशुद्धि 

(C) हिसाब की अशुद्धि 

(D) क्षतिपूरक अशुद्धि 

107. जब किसी व्यवहार की रकम लेखा पुस्तक में गलत लिख दी जाती है तो यह अशुद्धि है- 

(A) सैद्धान्तिक अशुद्धि

(B) भूल की अशुद्धि 

(C) हिसाब की अशुद्धि

(D) क्षतिपूरक अशुद्धि 

108. अनुसन्धान कराया जाता है: 

(A) संस्था के स्वामी द्वारा

(B) बाहरी पक्षों द्वारा 

(C) स्वामी या अन्य पक्षों के द्वारा

(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

109. अनुसन्धान का उद्देश्य हो सकता है: 

(A) व्यापार को क्रय करना

(B) किसी को ऋण देना 

(C) किसी फर्म में साझेदार बनना

(D) उपर्युक्त सभी 

110. तलपट द्वारा प्रकट होने वाली अशुद्धि है: 

(A) पूर्ण भूल की अशुद्धि

(B) हिसाब की अशुद्धि 

(C) क्षतिपूरक अशुद्धि

(D) सैद्धान्तिक अशुद्धि 

111. तलपट के मिलान को प्रभावित नहीं करती : 

(A) सैद्धान्तिक अशुद्धि

(B) पूर्ण भूल की अशुद्धि 

(C) क्षतिपूरक अशुद्धि

(D) उपरोक्त सभी

112. गबन का प्रकार है : 

(A) रोकड़ का गबन

(B) हिसाब किताब में गड़बड़ी 

(C) माल का दुरूपयोग

(D) उपरोक्त सभी ___

113. लेखाविधि के आधारभूत सिद्धान्तों की अवहेलना से उत्पन्न अशुद्धियाँ कहलाती हैं : 

(A) भूल की अशुद्धि

(B) सैद्धान्तिक अशुद्धियाँ 

(C) क्षतिपूरक अशुद्धियाँ

(D) लेखे की अशुद्धियाँ 

114. दो या दो से अधिक अशुद्धियाँ जो एक-दूसरे को तलपट पर प्रकट होने से छिपा देती हैं, ऐसी अशुद्धिया कहलाती हैं: 

(A) भूल की अशुद्धि

(B) सैद्धान्तिक अशुद्धि 

(C) क्षतिपूरक अशुद्धि

(D) लेखे की अशुद्धि 

115. जब कोई सौदा आंशिक या पूर्ण रूप से गलत लिख दिया जाए, तो ऐसी अशुद्धि कहलाती है : 

(A) भूल की अशुद्धि

(B) सैद्धान्तिक अशुद्धि 

(C) क्षतिपूरक अशुद्धि, 

(D) लेखे की अशुद्धि 

116. श्याम को रू. 600 का उधार माल बेचा। इसे विक्रय पुस्तक में तो लिख दिया गया किन्तु श्याम ____ के खाते में खतौनी नहीं की गई तो यह अशुद्धि होगी:

(A) भूल की अशुद्धि 

(B) सैद्धान्तिक अशुद्धि 

(C) क्षतिपूरक अशुद्धि 

(D) लेखे की अशुद्धि ___ 

117. रू. 232 के व्यवहार की लेखा-पुस्तकों में रू. 322 से प्रविष्टि की गई तो यह अशुद्धि है:

(A) भूल की अशुद्धि 

(B) सैद्धान्तिक अशुद्धि 

(C) क्षतिपूरक अशुद्धि 

(D) लेखे की अशुद्धि 

118. ऐसी अशुद्धि जिससे तलपट के दोनों पक्ष समान रूप से प्रभावित होते हैं: 

(A) भूल की अशुद्धि

(B) सैद्धान्तिक अशुद्धियाँ 

(C) क्षतिपूरक अशुद्धियाँ

(D) लेखे की अशुद्धियाँ 

119. (1) एक अंकेक्षक छल-कपट की संभावना को कम कर सकता है

(II) कपट में व्यवसाय के मालिकों की भी मिली-भगत होती है 

(A) कथन (I) असत्य है किन्तु (II) सत्य है 

(B) कथन (II) असत्य है किन्तु (I) सत्य है

(C) कथन (I) एवं (II) दोनों सत्य हैं 

(D) कथन (I) एवं (II) दोनों असत्य है 

120. रोकड़ के गबन का उदाहरण है :

(A) नकद बिक्री का लेखा न करना 

(B) टीमिंग और लेडिंग 

(C) पुराने खराब माल को बेचकर रकम का लेखा न करना

(D) उपरोक्त सभी 

121. माल के गबन का उदाहरण है : 

(A) स्टॉक से माल चुरा लेना

(B) माल का निजी कार्यों में प्रयोग करना 

(C) व्यावसायिक कार का निजी कार्यों में प्रयोग 

(D) उपरोक्त (A) व (B) दोनों 

122. हिसाब किताब में गड़बड़ी प्राय: की जाती है:

(A) लेखाकार द्वारा 

(B) लिपिकों द्वारा 

(C) उच्च प्रबन्ध द्वारा 

(D) अंशधारियों द्वारा 

123. संस्था के अधिकारियों अथवा मालिकों द्वारा हिसाब किताब में गड़बड़ी का प्रमुख उद्देश्य होता

(A) अपनी भूल छिपाना

(B) रोकड़ या माल के गबन को छिपाना 

(C) संस्था के लाभ को वास्तविकता से कम या अधिक बताना

(D) उपरोक्त में से कोई नहीं 

124. अंकेक्षण कार्य किया जाता है: 

(A) लेखों के आधार पर

(B) प्रमाणकों के आधार पर 

(C) सूचनाओं तथा स्पष्टीकरण के आधार पर 

(D) उपरोक्त सभी

125. अंकेक्षण अनिवार्य है: 

(A) कम्पनियों के लिए

(B) प्रन्यास के लिए 

(C) सहकारी समितियों के लिए

(D) उपर्युक्त सभी 

126. निम्नलिखित में से कौन-सा अंकेक्षण का लाभ नहीं है:

(A) स्वामी को सन्तुष्टि प्रदान करता है 

(B) ऋण लेने में सहायक 

(C) लागत भार कम करता है

(D) गलती एवं कपट को प्रकट करता है 

127. जब स्वामी व्यापार का स्वयं प्रबन्ध करता हो तो अंकेक्षण है :

(A) आवश्यकता 

(B) विलासिता 

(C) आरामदायक 

(D) उपरोक्त में से कोई नहीं 

128. भारतीय चार्टर्ड एकाउण्टेण्ट्स संस्थान द्वारा कपट एवं अशुद्धि के सम्बन्ध में निर्गमित किया गया – मानक है :

(A) AAS-4) 

(B) AAS-3 

(C) AAS-5 

(D) ASS-6 

129. लेखा परीक्षण की सीमा है:

(A) कि वह व्यवसाय का पूर्ण चित्रण प्रकट नहीं करता 

(B) कि वह खातों के सही होने की गारन्टी नहीं देता र

(C) कि लेखा परीक्षक पक्षपात पूर्ण हो सकता है 

(D) उपरोक्त सभी 

130. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है: ।

(A) अंकेक्षण सभी व्यावसायिक संस्थानों के लिए अनिवार्य है 

(B) अंकेक्षण खातों की पूर्णता एवं सत्यता को आश्वस्त करता है 

(C) अंकेक्षण खातों की सत्यता की गारन्टी देता है

(D) अंकेक्षण खातों की सत्यता की गारन्टी नहीं देता है 

131. निम्नलिखित में से कौन-सा मद कैश बुक और पास बुक के अनुसार बैंक बैंलेस के बीच अन्तर होने का कारण नहीं हैं: 

(A) कैश बुक में कोंट्रा एंट्री न होना

(B) चैक जमा किए गये किन्तु अब तक क्लियर नहीं हुए 

(C) कैश बुक के कैश कॉलम में एक एन्ट्री का न होना 

(D) चैक जारी होना किन्तु भुगतान के लिए प्रस्तुत न होना

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