B.Com 2nd Year Tax Administration Long Notes In Hindi

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विस्तृत उत्तरीय प्रश्न- 

प्रश्न 1- भारतीय आयकर विधान में किन-किन पदाधिकारियों का वर्णन किया गया है तथा उनके क्या-क्या कार्य हैं?

What are the various authorities envisaged in the Indian Income Tax Act and what are their functions ? 

अथवा आयकर प्राधिकारियों के अधिकारों का वर्णन कीजिए।

Discuss the powers of Income Tax Authorities. 

उत्तर – कर-निर्धारण अधिकारी

(Assessing Officer) 

कर-निर्धारण अधिकार आयकर विभाग का सबसे महत्त्वपूर्ण अधिकार होता है क्योंकि के अपने क्षेत्र के करदाताओं का कर-निर्धारण करता है। जिस पदाधिकारी को प्रत्यक्ष करों के केन्द्रीय बोर्ड द्वारा आदेश देकर किसी कर-निर्धारण क्षेत्र का कार्य-भार सौंपा जाता है, वह उस क क्षेत्र का कर-निर्धारण अधिकारी कहलाता है। यह कार्य निम्नलिखित पदाधिकारियों को सौंपा | सं जाता है

(1) संयुक्त कमिश्नर, 

(2) संयुक्त निदेशक, 

(3) सहायक कमिश्नर, 

(4) उप-निदेशक, 

(5) उप-कमिश्नर, 

(6) सहायक निदेशक,

(7) आयकर अधिकारी। 

1 कर-निर्धारण अधिकारी के अधिकार एवं कार्य

(Power and Function of Assessing Officer)

1. कर-निर्धारण करना (To do Assessment)-यह अपने कार्य-क्षेत्र में आने वाले करदाताओं का कर-निर्धारण करता है।

2. पुनः कर-निर्धारण करना (To do Reassessment)-यदि किसी करदाता का कोई आय भूल से छूट गई है अथवा कोई हानि, छूट अथवा ह्रास अधिक दे दिया गया है तो वह पुन: कर-निर्धारण कर सकता है।

3. लेखा पुस्तकें तथा सूचनाएँ माँगना (To call Records and Other Informations)-कर-निर्धारण के लिए यह करदाता से आवश्यक लेखा पुस्तकें तथा अन्य सूचनाएँ माँग सकता है।

4. कर वसूल करना (To collect Tax)-यह करदाता को कर, ब्याज एवं अर्थदण्ड भुगतान करने के लिए माँग का नोटिस देता है तथा इसकी वसूली करता है।

5. कर की वापसी (To refund Tax)-यदि करदाता ने अग्रिम कर एवं उद्गम पर कर कटौती के रूप में देय कर से अधिक राशि का भुगतान कर दिया है तो उसे वापसी का आदेश देता है।

6. कर वापसी का समायोजन (To adjust Refund of Tax)-यदि किसी करदाता की किसी वर्ष की वापसी बनती है तथा उसे किसी अन्य वर्ष का कर देना है तो कर-निर्धारण अधिकारी कमिश्नर की पूर्व अनुमति लेकर वापसी की राशि से देय कर का समायोजन कर सकता है।

7. गवाही लेना (To take Evidence)-यह किसी व्यक्ति को शपथ दिलाकर उससे गवाही या बयान ले सकता है।

8. न्यायिक अधिकार (Judiciary Powers)-किसी मामले की सुनवाई के समय इसे वे सब अधिकार होते हैं जो एक न्यायालय को Code of Civil Procedure, 1908 के अन्तर्गत होते हैं।

9. तलाशी लेना एवं कब्जे में लेना (To search and Seize)-यह अपने कार्य-क्षेत्र में आने वाले किसी करदाता के संस्थान में प्रवेश करके तलाशी ले सकता है तथा संदिग्ध खाता-पुस्तकें एवं अन्य सामग्री अपने कब्जे में ले सकता है।

10. कम्पनी के रजिस्टरों का निरीक्षण करना (To inspect the Registers of a Company)-यह किसी कम्पनी के सदस्यों, ऋणपत्रधारियों अथवा रहन के रजिस्टरों का निरीक्षण कर सकता है तथा उसकी नकल ले सकता है।

11. आय का विवरण प्रस्तुत करने का नोटिस देना (To give Notice for Presenting Records of Income)-यदि इसके विचार में किसी व्यक्ति की आय कर-योग्य है और उसने अपनी आय का विवरण दाखिल नहीं किया है तो उसे यह नोटिस देकर विवरण दाखिल करने के लिए कह सकता है।

12. स्थायी खाता संख्या (PAN) आवंटित करना (To allot Permanent Account Number)-यह अपने क्षेत्र में आने वाले करदाताओं को स्थायी खाता संख्या आवंटित करता है।

13. भूल सुधार करना (To rectify)-यदि उसे कर-निर्धारण में किसी भूल का पता चलता है तो वह स्वयं उसे सुधार सकता है अथवा करदाता द्वारा इस सम्बन्ध में प्रार्थना-पत्र देने पर इसे सुधार सकता है।

14. अपील करना (To file Appeal)-कमिश्नर के निर्देश पर किसी मामले में अपील में दिए गए निर्णय के विरुद्ध अपील कर सकता है। 

II कमिश्नर (अपील) के अधिकार ___

[Power of Commissioner (Appeal)]1. न्यायिक अधिकार (Judicial Powers)-धारा 131 के अनुसार कमिश्नर (अपील) को इस अधिनियम के अन्तर्गत किसी मुकदमे को सुनने के समय, वे सब अधिकार हागे, जो एक न्यायालय को Code of Civil Procedure, 1908 के अन्तर्गत होते हैं।

2. सूचनाएँ माँगने का अधिकार (Power to Call Informations)-धारा के अनुसार कमिश्नर (अपील) को मामले से सम्बन्धित सूचनाएं मंगाने का अधिकार है।

3. कम्पनी के रजिस्टरों का निरीक्षण करने का अधिकार (Power to Inspect the Registers of a Company)-धारा 134 के अनुसार कमिश्नर (अपील) किसी कम्पनी के सदस्यों, ऋणपत्रधारियों अथवा रहन के रजिस्टरों का निरीक्षण कर सकता है तथा उनकी नकलें भी ले सकता है।

4. अपील के निपटाने के सम्बन्ध में अधिकार (Powers to Disposes Appeal)-कमिश्नर (अपील) को किसी अपील को निपटाने के सम्बन्ध में निम्नलिखिसम अधिकार हैं

(i) वह कर-निर्धारण को (a) सम्पुष्ट कर सकता है, (b) कर दायित्व कम करना सकता है, (c) कर दायित्व बढ़ा सकता है।

(ii) वह अर्थदण्ड के आदेश को सम्पुष्ट अथवा रद्द कर सकता है अथवा संशोध प्रश्न करके अर्थदण्ड बढ़ा अथवा कम कर सकता है।

(iii) अन्य किसी दशा में वह ऐसा आदेश दे सकता है जो वह उचित समझे। परन्त s कर-निर्धारण अथवा अर्थदण्ड को बढ़ाने का आदेश अथवा वापसी को कम करने का आदेश an तभी दिया जा सकता है, जबकि अपीलकर्ता को ऐसा आदेश देने के विरुद्ध कारण बताने का (D उचित अवसर दे दिया जाए।

III. आयकर इंस्पेक्टर के अधिकार एवं कार्य 

(Power and Functions of Income Tax Inspector)

आयकर इंस्पेक्टर को कर-निर्धारण अधिकारी जिसके साथ वह काम कर रहा है, के निर्देशानुसार काम करना होता है। उसके प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं

(1) नए करदाताओं का पता लगाना।

(2) कर-निर्धारण अधिकारी द्वारा सौंपा गया कार्य करना एवं उसके आदेशानुसार जाँच करना। 

(3) अधिकृत होने पर वह किसी भी स्थान में प्रवेश करके कर-निर्धारण अधिकारी के अधिकारों का प्रयोग कर सकता है।

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