Valuation Of Goodwill B.Com 3rd Year Corporate Accounting – Hindi MCQ

Valuation Of Goodwill B.Com 3rd Year Corporate Accounting – Hindi MCQ :-  Corporate Accounting Study Material Question Answer Examination Paper Sample Model Practice Notes PDF MCQ (Multiple Choice Questions) available in our site. parultech.com. Topic Wise Chapter wise Notes available. If you agree with us, if You like the notes given by us, then please share it to all your Friends. If you are Confused after Visiting our Site Then Contact us So that We Can Understand You better.

बहुविकल्पीय प्रश्न

(Multiple Choice Questions) 

  1. “शुद्ध मूर्त सम्पत्तियों में विनियोग पर प्रत्याय से अधिक प्रत्याशित भावी आय का चालू मूल्य
ख्याति है।” यह परिभाषा दी है- (अ) लॉर्ड लिन्डले ने (ब) लॉर्ड एल्डन ने  (स) कोहलर ने (द) इनमें से कोई नहीं 
  1. कौन-सा लेखांकन प्रमाप ख्याति से सम्बन्ध रखता है-
(अ) लेखांकन प्रमाप 6 (ब) लेखांकन प्रमाप 10  (स) लेखांकन प्रमाप 21 (द) लेखांकन प्रमाप 26 
  1. एक साझेदारी फर्म में ख्याति का मूल्यांकन आवश्यक हो जाता है-
(अ) एक साझेदार के प्रवेश पर (ब) एक साझेदार के अवकाश ग्रहण करने पर  (स) साझेदारों के लाभ विभाजन अनुपात में परिवर्तन किये जाने पर  (द) उपर्युक्त सभी पर 
  1. निम्नलिखित में से कौन-सी पद्धति ख्याति के मूल्यांकन से सम्बन्धित नहीं है –
(अ) अर्जन क्षमता पद्धति (स) औसत लाभ पद्धति (ब) अधिलाभ पद्धति  (द) लाभ के पूँजीकरण की पद्धति
  1. निम्नलिखित पद्धतियों में से किसमें अधिलाभ की गणना की आवश्यकता नहीं होती –
(अ) अधिलाभ के क्रय की पद्धति  (ब) अधिलाभ के वार्षिकी की पद्धति (स) अधिलाभ के पूँजीकरण की पद्धति  (द) वार्षिक लाभ के पूँजीकरण की पटक 
  1. एक व्यवसाय के वास्तविक लाभों का इसके सामान्य लाभ पर आधिक्य कहलाता है-
(अ) औसत लाभ (ब) अधिलाभ  (स) पूँजीकृत लाभ (द) उपरोक्त में से कोई नहीं 
  1. निम्नलिखित में से कौन-से कारक ख्याति मूल्यांकन को प्रभावित करते हैं –
(अ) विनियोक्ताओं की आय प्रत्याशायें  (ब) व्यवसाय में विनियोजित पूँजी  (स) व्यवसाय की लाभप्रदता (द) उपर्युक्त सभी 
  1. ख्याति है-
(अ) चल सम्पत्ति (ब) अचल सम्पत्ति  (स) अमूर्त सम्पत्ति (द) कृत्रिम सम्पत्ति 
  1. ख्याति मानी जाती है
(अ) व्यवसाय की प्रतिष्ठा का मूल्य  (ब) ग्राहकों को आकर्षित करने की क्षमता का मूल्य  (स) उत्पाद की गुणवत्ता का मूल्य (द) उपरोक्त सभी 
  1. निम्नलिखित में से किस विधि के द्वारा ख्याति का मूल्य सबसे अधिक होगा? 
(अ) अधिलाभ क्रय विधि (ब) अधिलाभ वार्षिकी विधि  (स) अधिलाभ पूँजीकरण विधि (द) सभी विधियों से ख्याति का मूल्य समान ही होगा 
  1. ख्याति का निर्धारण एवं अस्तित्व महत्वपूर्ण है न कि परिभाषा। यह धारणा है
(अ) लेखांकन  (ब) वैधानिक  (स) आर्थिक  (द) वैज्ञानिक
  1. ख्याति पर हास काटा जाता है
(अ) घटती किस्त पद्धति से (ब) वार्षिक वृत्ति विधि से  (स) अंक विधि से (द) हास नहीं काटा जाता है  
  1. ख्याति का लेखांकन व्यवहार है
(अ) पुर्नस्थापन (ब) पूँजीगत लाभों से अपलेखन  (स) हास काटना  (द) उपरोक्त में से कोई नहीं
  1. व्यापार क्रय पर ख्याति है
(अ) क्रय प्रतिफल का शुद्ध सम्पत्तियों पर आधिक्य  (ब) शुद्ध सम्पत्तियाँ-क्रय प्रतिफल (स) शुद्ध सम्पत्तियाँ (द) उपरोक्त में से कोई नहीं क्रय प्रतिफल 
  1. ख्याति की प्रकृति का अध्ययन निम्नलिखित में से किस रूप में नहीं किया जाता है?
(अ) बिल्ली के स्वभाव की ख्याति  (ब) चूहे के स्वभाव की ख्याति (स) घोड़े के स्वभाव की ख्याति  (द) कुत्ते के स्वभाव की ख्याति 
  1. किन परिस्थितियों में ख्याति का मूल्यांकन अनिवार्य है-
(अ) फर्म के स्वरूप में परिवर्तन (ब) फर्मों का एकीकरण  (स) फर्म बेचने पर  (द) उपरोक्त सभी में
  1. ख्याति का निर्धारण आवश्यक नहीं है
(अ) कम्पनियों के एकीकरण के समय  (ब) संविलयन के समय  (स) कम्पनी पर नियन्त्रण हेतु अंशों का क्रय करते समय (द) कम्पनी के समापन के समय 
  1. ख्याति का निर्धारण आवश्यक है-
(अ) अंशों का निर्गमन करते समय (ब) कम्पनी का विक्रय करने पर  (स) एक कम्पनी के समापन पर (द) अंशों का हरण करते समय
  1. ख्याति के मूल्यांकन की एक विधि है-
(अ) शुद्ध-लाभ विधि (ब) अधिलाभ विधि  (स) परिचालन लाभ विधि  (द) पूँजी संचय विधि  20.औसत विनियोजित पूँजी से आशय है- (अ) प्रारम्भिक एवं अन्तिम विनियोजित पूँजी का औसत (ब) प्रारम्भिक विनियोजित पूँजी + चालू वर्ष के लाभ का 1/2 (स)अन्तिम विनियोजि पूँजी- चालू वर्ष के लाभ का 1/2  (द) उपरोक्त सभी । 
  1. लेखा प्रमाप (AS)-14 के अनुसार ख्याति की राशि कितने समय में अपलिखित कर दी जानी चाहिए? 
(अ) 5 वर्ष (ब) 10 वर्ष (स) 15 वर्ष  (द) 20 वर्ष 
  1. अधिलाभों का आशय है –
(अ) वास्तविक औसत लाभों की सामान्य लाभों से कमी  (ब) वास्तविक औसत लाभों का सामान्य लाभों पर आधिक्य  (स) वास्तविक औसत लाभों का औसत लाभों पर आधिक्य (द) वास्तविक औसत लाभों की न्यूनता 
  1. सामान्य लाभ का सूत्र है-
(अ) औसत लाभ – सामान्य दर /100 (ब) वास्तविक औसत लाभ x दर /100 (स) औसत विनियोजित पूँजी – सामान्य दर / 100 (द) अधिलाभ – सामान्य दर / 100
  1. विनियोजित पूँजी ज्ञात करते समय सम्पत्तियों में शामिल नहीं होंगे-
(अ) भवन में वृद्धि के व्यय (ब) प्रारम्भिक व्यय  (स) ख्याति क्रय के व्यय (द) मशीनरी के पूँजीगत व्यय 
  1. विनियोजित पूँजी में शामिल नहीं होती हैं-
(अ) कृत्रिम सम्पत्तियाँ (ब) चालू सम्पत्तियाँ  (स) स्थायी सम्पत्तियाँ (द) मूर्त सम्पत्तियाँ 
  1. निम्नलिखित में से कौन-सी सम्पत्ति विनियोजित पूँजी में शामिल होगी-
(अ) व्यापारिक विनियोग (ब) सरकारी प्रतिभूतियों में विनियोग  (स) व्यापार स्थापना के व्यय (द) डूबत ऋण आयोजन 
  1. ख्याति मूल्यांकन की भारित औसत लाभ पद्धति का प्रयोग तब किया जाता है, जब-
(अ) लाभ लगातार घट रहे हों (ब) लाभ लगातार बढ़ रहे हों  (स) लाभों में असमान परिवर्तन हो (द) प्रारम्भ में लाभों में कम वृद्धि हो और बाद में अधिक 
  1. सरकारी प्रतिभूतियों में विनियोगों से आय को ख्याति के मूल्यांकन हेतु लेखांकित किया जाता है –
(अ) शुद्ध लाभों में जोड़ी जाती है  (ब) शुद्ध लाभों में से घटायी जाती है  (स) व्यवसाय के लाभों का भाग नहीं माना जाता है (द) उपर्युक्त में से कोई नहीं 
  1. वर्ष 2021 में चोरी के कारण 20,000 रू. हानि हुई।औसत लाभों को समायोजित किया जायेगा –
(अ) 2021 वर्ष के लाभ 20,000 रू. से बढ़ाये जायेंगे  (ब) 2021 वर्ष के लाभ 20,000 रू. से घटाये जायेंगे  (स) औसत लाभ 20,000 रू. से घटाये जायेंगे (द) औसत लाभ 20,000 रू. से बढ़ाये जायेंगे 
  1. वर्ष 2021 के प्रारम्भ में व्यवसाय प्रबन्ध ने अपने व्यापार का बीमा कराने का निश्चय किया। बीमा प्रामियम 6,000 रू. वार्षिक है। इस व्यवहार का प्रभाव होगा –
(अ) औसत लाभों में 6,000 रू. की कमी  (ब) औसत लाभों में 6,000 रू. की वृद्धि  (स) 2021 वर्ष के लाभ में 6,000 रू. की कमी  (द) कोई प्रभाव नहीं
  1. यदि वार्षिकी का वर्तमान मूल्य रू. 1 से कम हो तो अधिलाभ की वार्षिकी विधि के अनुसार ख्याति की राशि निम्न प्रकार ज्ञात की जाएगी-
(अ) अधिलाभ x वार्षिकी का वर्तमान मूल्य  (ब) अधिलाभ/वार्षिकी का वर्तमान मल्य (स) अधिलाभ + वार्षिकी का वर्तमान मूल्य  (द) वार्षिकी का वर्तमान मूल्य/अधिलाभ 
  1. दिया है
औसत वार्षिक लाभ 6,00,000 रू., स्वामी का पारिश्रमिक 4,000 रू. प्रति माह, 6% मार प्रतिभूतियों में विनियोग 2,00,000 रू. समायोजित औसत लाभ होगा- (अ) 5,00,000 रू. (ब) 4,52,000 रू.  (स) 5,40,000 रू. (द) 4,88,000 रू. 
  1. दिया है
अधिलाभ 24,000 रू., सामान्य लाभ 15,000 रू., विनियोजित पूँजी 5,00,000 रू. वास्तविक औसत लाभ होंगे- (अ) 50,000 रू. (ब) 39,000 रू. (स) 9,000 रू. (द) इनमें से कोई नहीं 
  1. चालू सम्पत्तियाँ रू. 50,000, स्थायी सम्पत्तियाँ रू. 1,40,000, प्रारम्भिक व्यय रू. 10,000; आयकर दायित्व रू. 10,000, लेनदार रू. 15,000। विनियोजित पूँजी होगी-
(अ) रू. 1,05,000 (ब) रू. 1,90,000  (स) रू. 1,65,000 (द) रू.1,75,000 
  1. दिया है-गत तीन वर्षों के लाभ
2018 रू. 40,000 (5,000 रू. सट्टे से लाभ सम्मिलित करते हुए)  2019 रू. 50,000 (10,000 रू. की असाधारण हानि चार्ज करने के पश्चात्)  2020 रू. 45,000 (भूचाल से 4,000 की हानि चार्ज करने के पश्चात्) औसत लाभ होंगे- (अ) 45,000 रू. (ब) 48,000 रू.  (स) 49,667 रू. (द) इनमें से कोई नहीं 
  1. विनियोजित पूँजी 20,00,000 रू., वास्तविक औसत लाभ 3,00,000 रू.,सामान्य दर 10%, ख्याति का मूल्य होगा –
(अ) 1,00,000 रू. (ब) 20,00,000 रू.  (स) 2,00,000 रू. (द) 30,00,000 रू. 
  1. ख्याति निर्धारण की वैज्ञानिक विधि है
(अ) अधिलाभों की पूँजीकरण विधि  (ब) वास्तविक औसत लाभों की क्रय विधि (स) आयकर अधिनियम में वर्णित विधि  (द) वार्षिक वृत्ति विधि 
  1. वर्षों के क्रय विधि से ख्याति का मूल्यांकन करने पर लाभान्वित पक्ष होता है-
(अ) क्रेता (ब) विक्रेता  (स) मूल्यांकनकर्ता (द) सरकार 
  1. वार्षिकी वृत्ति विधि सर्वोत्तम है, क्योंकि
(अ) क्रेता-विक्रेता किसी भी पक्षकार को हानि नहीं होती  (ब) ब्याज तत्त्व को ध्यान में रखा जाता है  (स) रुपये के वर्तमान मूल्य पर आधारित है। (द) उपरोक्त सभी 
  1. किस विधि से ज्ञात किया गया ख्याति का मूल्य अधिक होता है –
(अ) वर्षों की क्रय विधि (ब) वार्षिक वृत्ति विधि  (स) पूँजीकरण विधि (द) तीनों विधियों में समान 
  1. वार्षिकी विधि से ज्ञात ख्याति का मूल्य, अधिलाभों की क्रय विधि से ज्ञात मूल्य से-
(अ) कम होता है (ब) अधिक होता है  (स) बराबर होता है (द) इनमें से कोई नहीं
  1. ख्याति निर्धारण में भारित औसत विधि का प्रयोग किया जाता है जब लाभ-
(अ) निरन्तर कम हो रहे हों (ब) निरन्तर बढ़ रहे हों। ‘ (स) असमान परिवर्तन हो. (द) प्रारम्भ में कम वृद्धि हो बाद में अधिक 
  1. ख्याति रू. 2 लाख जो अधिलाभों के 5 गुने के आधार पर निर्धारित की गयी है,अधिलाभ होंगे-
(अ) रू. 5 लाख (ब) रू. 40,000  (स) रू. 25,000 (द) रू. इनमें से कोई नहीं 
  1. प्रारम्भिक विनियोजित पूँजी रू. 80,000, चालू वर्ष के लाभ रू. 30,000।औसत विनियोजित पूँजी होगी –
(अ) रू. 1,10,000 (ब) रू.  50,000  (स) रू. 95,000 (द) रू. 65,000 
  1. एक व्यवसाय के समायोजित शुद्ध लाभ रू. 1,00,000 एवं विनियोजित पँजी रू. 6.00.000 है। यदि ख्याति अधिलाभों के तीन वर्षों के क्रय पर ली जाती है और प्रत्याशित प्रत्यायदर 10% है,ख्याति का मूल्य होगा? 
(अ) रू. 3,00,000 (ब) रू. 5,00,000  (स) रू. 1,20,000 (द) रू. 7,00,000 
  1. विनियोजित पूँजी रू. 80,000, सामान्य लाभ की दर 10%, औसत लाभ रू. 25,000, साझेदार का पारिश्रमिक रू. 5,000। चार वर्ष के अधिलाभों के आधार पर ख्याति होगी –
(अ) रू. 48,000 (ब) रू. 16,000  (स) रू. 32,000 (द) रू. 4,000 
  1. विनियोजित पूँजी रू. 4 लाख, वास्तविक औसत लाभ रू. 60,000, सामान्य दर 10% में अधिलाभ होंगे-
(अ) रू. 30,000 (ब) रू. 3,000  (स) रू. 10,000 (द) रू. 20,000 
  1. उपरोक्त प्रश्न 47 के अनुसार अधिलाभों के पूँजीकरण विधि से ख्याति होगी –
(अ) रू. 1 लाख (ब) रू. 2 लाख  (स) रू. 20,000 (द) रू. 30,000 
  1. कम्पनी के चिट्ठे में प्रकट ऋणपत्रों को विनियोजित पूँजी ज्ञात करते समय –
(अ) घटाना चाहिए (ब) जोड़ना चाहिए  (स) कोई समायोजन नहीं (द) औसत लेना चाहिए 
  1. दिया गया है-औसत लाभ रू. 18 लाख, गैर व्यापारिक विनियोगों से आय रू. 1 लाख, आयकर 30%, 5% अधिमान अंश पूंजी रू. 5 लाख। वास्तविक औसत लाभ होंगे –
(अ) रू.  19 लाख (ब) रू. 17 लाख  (स) रू. 11.65 लाख (द) रू. 11.9 लाख 
  1. दिया गया है-स्थायी सम्पत्तियाँ 2 लाख, चालू सम्पत्तियाँ रू. 1 लाख, विकास व्यय रू. 50,000, विज्ञापन व्यय रू. 20,000, प्रारम्भिक व्यय रू. 20,000, चालू दायित्व रू. 30,000, सामान्य संचयर 5,000। विनियोजित पूँजी होगी –
(अ) रू. 3,72,000 (ब) रू. 3,42,000  (स) रू.  2,70,000 (द) रू. 3,00,000 
  1. विनियोजित पूँजी रू. 3 लाख,सामान्य दर 15%,औसत लाभ रू. 50,000, अधिलाभों के पूँजीकरण विधि से ख्याति का मूल्य होगा –
(अ) रू. 45,000 (ब) रू. 40,000 (स) रू. 2,70,000 (द) रू. 33,333 
  1. एक फर्म रू.5,00,000 का लाभ अर्जित करने की अपेक्षा करती है एवं सामान्य अपेक्षा 16% है। बाद फर्म की शुद्ध सम्पत्तियों का मूल्य रू. 21,00,000 है, तो पूँजीकरण पद्धति से आकलन करने पर उसकी ख्याति का मूल्य क्या होगा?
(अ) रू.  21,00,000 (ब) रू.  10,25,000  (स) रू.  20,50,000 (द) रू.  1,25,000 
  1. ब्याज दर 10%, वर्षों की संख्या 3 का वर्तमान मूल्य होगा-
(अ) 2.487 (ब) 3.78 (स) 2.987 (द) 1.987 
  1. विनियोजित पूँजी-10,00,000 रू.  ; औसत वार्षिक लाभ-75,000 रू.  ; सामान्य 8%। अधिलाभ पूँजीकरण विधि द्वारा ख्याति का मूल्य क्या होगा –
(अ) 6,00,000 रू.  (ब) 40,000 रू.   (स) (-) 62,500 रू.  (द) शून्य 
  1. एक व्यवसाय की औसत पूँजी 10,00,000 रू.  है और लाभ की सामान्य दर 15% है, अत: सामान्य
लाभ है- (अ) 1,00,000रू.  (ब) 90,000 रू.  (स) 1,50,000 रू.  (द) इनमें से कोई नहीं
  1. यदि एक व्यवसाय का अधिलाभ 5,000 रू.  है और लाभ की सामान्य दर 10% है, तो पूँजीकरण
पद्धति के अनुसार ख्याति की राशि होगी – (अ) 50,000 रू.  (ब) 600 रू.   (स) 6,000 रू.  (द) इनमें से कोई नहीं 
  1. एक व्यवसाय की ख्याति गत तीन वर्षों के लाभों के औसत के तीन वर्षों के क्रय पर मूल्यांकित की
जानी है। गत तीन वर्षों के लाभ क्रमश: 50,000 रू. , (-)60,000 रू.  और 70,000 रू.  हैं। अत: ख्याति का मूल्य है – (अ) 1,20,000रू.  (ब) 1,50,000 रू.   (स) 60,000 रू.  (द) इनमें से कोई नहीं । 
  1. Aलि० की औसत विनियोजित पूँजी 3,00,000 रू.  है। इस कम्पनी के गत तीन वर्षों के लाभ क्रमश:
35,000 रू. ,45,000 रू.  और 46,000 रू.  हैं। उचित प्रत्याय 12% प्रतिवर्ष है।अधि-लाभों के चार वर्षों के क्रय के आधार पर वार्षिकी विधि से ख्याति है – (अ) 24,000 रू.  (ब) 18,224 रू.   (स) 19,075 रू.  (द) इनमें से कोई नहीं 
  1. 5% प्रतिवर्ष से चार वर्ष के लिये 0.32923 रू.  का वर्तमान मूल्य 1 रू.  है।) 60. 5% से चार वर्षों के लिए 0.282012 वार्षिकी का वर्तमान मूल्य 1 रू.  है तथा अधिलाभ 15,000 रू. है। वार्षिकी विधि से ख्याति होगी –
(अ) 53189.23 (ब) 3666.16  (स) 80,136 (द) उपरोक्त में से कोई नहीं 
  1. 10% वार्षिक की दर से पाँच वर्षों के लिए 1 की वार्षिक वृति का मूल्य 3.78 रू.  है तथा अधिलाभ
22,000 रू.  है। ख्याति होगी – (अ) 80,136  (ब) 83,160  (स) 80,000 (द) 86,000 
  1. ख्याति का मूल्य सर्वाधिक होगा –
(अ) कुत्ता ख्याति (ब) चूहा ख्याति  (स) बिल्ली ख्याति (द) उपर्युक्त सभी 
  1. कुत्ते के स्वभाव वाली ख्याति –
(अ) मूल्यवान होती है (ब) कम मूल्यवान होती है  (स) अधिक मूल्यवान होती है  (द) उपर्युक्त में कोई नहीं होती 
  1. एक व्यवसाय की ख्याति का मूल्यांकन पिछले 3 वर्षों के औसत लाभ के 3 वर्षों के क्रय के
मूल्यांकित किया जाता है। पिछले तीन वर्षों के लाभ क्रमश: 50,000, 60,000 एवं 70,0008 प्रकार ख्याति का मूल्य होगा (अ) 1,80,000  (ब) 1,20,000  (स) 1,50,000 6 (द) 1,40,000
  1. एम लि. के गत चार वर्षों के लाभ क्रमश: निम्नांकित हैं –
30,000 रू., 40,000 रू., 50,000 रू. और 60,000 रू.  औसत विनियोजित पूँजी 3,80,000 रू. है। आय की सामान्य दर 10% प्रतिवर्ष है। पूजाकर द्वारा ख्याति की राशि होगी – (अ) 60,000 रू. (ब) 70,000 रू.  (स) 80,000 रू. (द) 1,00,000 रू.
  1. अशोक और आलोक का पिछले चार वर्षों का लाभ 12,000 रू. 18,000 रू. 20,000 रू. तथा 10, 000 रू. है  पिछले चार वर्षों के औसत लाभ के आधार पर तीन वर्ष के क्रय पर ख्याति का मूल्य होगा –
(अ) 60,000 रू. (ब) 50,000 रू. (स) 45,000 रू. (द) 40,000 रू.
  1. एक कम्पनी ने 15,00,000 रू. लाभ कमाया। कम्पनी की औसत विनियोजित पूँजी 50,00,000 रू.
भी लाभ की सामान्य दर 15% है। यदि ख्याति का मूल्यांकन अधिलाभ के तीन वर्षों के क्रय के आधार पर किया जाए, तो ख्याति का मूल्य होगा – (अ) 10,00,000 रू. (ब) 15,00,000 रू.  (स) 20,00,000 रू. (द) 22,50,000 रू. 
  1. कम्पनी ने 2018, 2019, 2020 तथा 2021 की अवधि में क्रमश: 80,000 रू., 1,00,000 रू., 120.000 रू. तथा 1,60,000 रू. का लाभ अर्जित किया। कम्पनी की विनियोजित पूँजी 5,00,000 रू. विनियोग पर आय की उचित दर 15% वार्षिक है। पिछले चार वर्षों के औसत अधिलाभ के तीन वर्षों के क्रय मूल्य के आधार पर कम्पनी की ख्याति का मूल्य होगा –
(अ) 1,00,000 रू.  (ब) 1,20,000 रू.  (स) 1,40,000 रू.  (द) 1,60,000 रू. 
  1. निम्न सूचना से पूँजीकरण विधि द्वारा ख्याति का मूल्य होगा –
वास्तविक शुद्ध लाभ 80,000 रू. सामान्य प्रत्याय दर 10%  फर्म की कुल सम्पत्तियाँ 12,00,000 रू. देयताएँ 6,00,000 रू.  (अ) 2.00,000 रू. (ब) 3,00,000 रू.  (स) 4,00,000 रू. (द)5,00,000 रू.
  1. एलि० की औसत विनियोजित पूँजी 6,00,000 रू. है। इस कम्पनी के गत तीन वर्षों के लाभ क्रमश:
70,000 रू.,90,000 रू. तथा 92,000 रू. है।5% से चार वर्ष के लिए 0.282012 का वर्तमान मूल्य 1रू. है। सामान्य आय की दर 12% प्रतिवर्ष है। वार्षिक विधि से ख्याति की राशि होगी (अ) 21,276 रू. (ब) 42,552 रू.  (स) 64,500 रू. (द) 70,612 रू. 
  1. बी०लि. के गत चार वर्षों के लाभ क्रमश: 30,000 रू.,50,000 रू.,60,000 रू. और 80,000 रू. हैं।
व्यापार में लगी हुई औसत विनियोजित पूँजी 4,00,000 रू. है। उचित आय की दर 10% है। ऐसी आशा की जाती है कि कम्पनी अपने अधिलाभों को अगले चार वर्षों तक प्राप्त करती रहेगी। अधिलाभ की वार्षिकी के आधार पर ख्याति का मूल्यांकन होगा(10% से चार वर्ष के लिए 1रू. की वार्षिकी का वर्तमान मूल्य 2.50 रू. है।) (अ) 37.500 रू. (ब) 18,750 रू.  (स) 20,525 रू.  (द) 40,675 रू. 
  1. 10% प्रति वर्ष ब्याज की दर से पाँच वर्षों के 1रू. की वार्षिक वृत्ति का वर्तमान मूल्य 3.78 रू. है तथा अधिलाभ 19,600 रू. है, तो ख्याति की राशि बताइए –
(स) 74,088 रू.  (द) 14,8173 रू. (ब) 9.800 रू. (अ) 98,000 रू.
  1. विनियोजित पँजी 1.20.000₹.सामान्य प्रत्याय की दर 10%, वास्तविक औसत लाभ 40,000₹ अधिलाभ बताएँ –
(अ) 28,000 रू. (ब) 12,000 रू.  (स) 40,000 रू. (द) 52,000 रू. 
  1. दिया गया है –
चालू सम्पत्ति 50,000 रू. स्थाई सम्पत्ति 1,40,000 रू. प्रारम्भिक व्यय 10,000 रू. आयकर दायित्व 10,000 रू. लेनदार 15,000 रू. विनियोजित पूँजी बताइए – (अ) 1,85,000 रू.  (ब) 1,90,000 रू. (स) 1,65,000 रू.  (द) 1,75,000 रू.
  1. ख्याति का मूल्यांकन करते समय सरकारी प्रतिभूतियों में विनियोग से आय को……..
(अ) शुद्ध लाभों में जोड़ा जाता है। (ब) शुद्ध लाभों से घटाया जाता है।  (स) व्यवसायिक लाभ नहीं माना जाता  (द) उपरोक्त में से कोई नहीं
  1. कल विनियोजित पूँजी 6,00,000 रू., उचित सामान्य प्रतिफल दर 10%, वर्ष का लाभ 80000
पूँजीकरण विधि का प्रयोग करके फर्म की ख्याति का मूल्य क्या होगा- (अ) रू. 1,00,000  (ब) रू. 2,00,000  (स) रू. 1,40,000  (द) रू. 1,80,000

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